महाकुंभ में नागा साधुओं की मदद से दृष्टि दोष का पता लगा रहे डाक्टर निशांत, इतने हजार लोगों की अभी तक जांच
February 21, 2025 | by Deshvidesh News

नेत्र (आंखें) हमारे शरीर का अभिन्न अंग है. अगर हमारे नेत्र स्वस्थ हैं तो हम इस दुनिया की अच्छी बुरी सभी चीजों को देख सकते हैं. महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं के दृष्टि दोष का पता लगाने और उसे दूर करने के लिए मुंबई के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निशांत कुमार ने एक अनूठा तरीका अपनाया है. नागा साधुओं के प्रति लोगों की अपार श्रद्धा को देखते हुए वह दृष्टि दोष जानने के लिए उनकी मदद ले रहे हैं. आईबिटीज़ फाउंडेशन के संस्थापक डॉक्टर निशांत कुमार ने बताया, “अरैल घाट पर हमारे शिविर में नागा साधु की पीठ पर लगी भभूत के बीच हिंदी के बड़े और छोटे अक्षर लिखे गए हैं और लोगों को उन अक्षरों की पहचान करने को कहा जाता है जिससे उनके दृष्टि दोष का पता चल सके.”
उन्होंने बताया कि 10 फरवरी से लगा यह शिविर 25 फरवरी तक चलेगा और अभी तक 18,000 मरीजों की आंखों की जांच की जा चुकी है और 15,000 चश्मों का निःशुल्क वितरण किया जा चुका है. वहीं जिन लोगों की आंखों में मोतियाबिंद की शिकायत आई हैं, उन्हें पूरी रिपोर्ट दी जा रही है ताकि वे अपने शहर में इसका ऑपरेशन करा सकें.
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डाक्टर निशांत ने बताया, “मुंबई में हर साल 10 दिन के गणेश उत्सव में हम 30-40,000 लोगों के आंखों की जांच करते हैं. इस बार महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के बीच आकर उनकी सेवा करने का मन हुआ, तो हम यहां आए हैं.”
जूना अखाड़े से जुड़े नागा साधु सिद्धेश्वर महाराज ने बताया कि साधना के लिए शरीर एक साधन है और इसका स्वस्थ रहना आवश्यक है. “लोगों का दृष्टि दोष दूर करने में हम काम आ सके, यह ईश्वर की इच्छा थी और हमें इस बात की प्रसन्नता है.” डाक्टर निशांत ने बताया कि अभी तक 50 नागा साधुओं ने इस पहल में सहयोग किया है और फाउंडेशन की टीम हर दिन नए साधुओं से मिलकर उन्हें इस नेक कार्य के लिए राजी करती है. लोगों की सेवा के लिए फाउंडेशन की 100 लोगों की टीम लगी हुई है.
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